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क्या ईश्वर जिंदा हे, ईश्वर कहा रहता हे, क्या मानव ईश्वर का ही नाम हे.

हर इंशान में  ईश्वर हे, 

वह यह सब देख रहा हे, भीतर ओर बाहर संसार मे, चेतना इतनी परबल होती हे कि यदि ध्यान कही लग जाता हे तो वह उसमे लग जाता हे , यह चेतना का विशेष गुण हे. यह एक रहस्य हे जो जान लेता हे वो उस ज्ञान ओर ध्यान से सभी के कल्याण करने की विधि का जन्नम कर पाता हे. हर इंशान ईश्वर हे. इस रहस्य को हासिल करने के बाद जीवन मे बेहतर उपलब्ध स्वयं प्रगट हो जाएँगे ओर आप सबकी मदद करने मे समर्थ हो पाते हे, इसलिए संसार से अपने ध्यान को इस कदर खिच ले जेसे शरीर प्राण छोड़ता हे ओर लेता हे, भगवान इसी तरह अपनी लीला का विस्तार करते रहते हे ओर अपने अवतारो का विस्तार करते हे, ताकि उनके सभी मनो मे यह विचार बेैठ जाये. उनके इस रहस्य का अनुसरण करना ही एकमात्र मार्ग हे. एसे मे जो इंशान अन्नत उर्जा को महसूस करने मे महारत हासिल कर लेता हे, अपने अंदर छुपे भगवान को जान लेता हे वही असली जीवन का मूल्य चुकता हे, कभी विचलित ना हो सके. संसार के सपने तो हमारे ध्यान को खीचकर रखने का काम करता हे क्या हम अपने ध्यान को खीचकर रख सकते हे, ओर इस संसार का सबसे बड़ा सपना हे हमारा आपना मॅन, यह सभी चीज़ो का बॉस हे.

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अपना मॅन अपने पास रखे. यह बात याद रखे की जॅहा भी तुम हो तुम्हारा मॅन भी तुम्हारे साथ रहना चाहिए, यह ठीक कर लो जीवन मे.  जीवन भी आपका हे ओर जीना भी आपको हे. मॅन को कही जाने का मोका ही मत दो. हमारा मॅन भी विचारो का सॅंग्रह किया करता हे वह हमारे दिमाग़ के साथ एक खेल खेलता हे वह अनगिनत विचारो को हमारे चारो तरफ के वातावरण से एकत्रित करके हमारे दिमाग़ मे जमा करना सुरू करता हे रहता हे. हमारा दिमाग़ एक मशीन बन गया हे. जेसे अपने महसूस किया होगा की आप अपने रोज के कामो को बड़ी ही आसानी से केसे कर पाते हे, जेसे नींद का आना ओर जाना.
मानव मन एवं मस्तिष्क एक अदभुद कलाकार हे. यदि हम इसका पर्योग करना सिख लेते हे तो यह हमारे सामने सफलता के कई दरवाजे खोल देता हे. यह हमे हमारे परम तत्व प्रकर्ती से ओर उसमे छिपे विश्वास से इस तरह जोड़ता हे कि हम कब सफल हो जाते हे हमे पाता ही नही चलता ओर जो भी हमारा उद्देश्य हे इस धरती पर आने का वह भी ये दोनो कलाकार भली प्रकार से बताने मे कुशल हे.

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