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Showing posts from September, 2019

Alien world,एलियन और मनुष्य, मानव का सुनहरा भविष्य एलियन,एलियन की दुनिया है

Alien world,एलियन और मनुष्य, मानव का सुनहरा भविष्य एलियन,एलियन की दुनिया है मानव का सुनहरा भविष्य है, एलियन | हमारी आने वाली दुनिया ही एलियन की दुनिया है | विकसित मनुष्य की जाति है, एलियन | मनुष्य ही एलियन है | एलियन और मनुष्य में केवल समय का अंतर है | उपस्थित संसाधनों का अंतर है और उपस्थित वातावरण का अंतर है | एलियन और मनुष्य में परमात्मा बसता है | #Aliens and humans मानव के पास एक विशेष शक्ति प्राप्त है. मनुष्य को एक बहुत ही अद्भुत शक्ति प्राप्त है, उसे "कल्पना" की शक्ति कहते हैं. पूरी दुनिया के वैज्ञानिक भी यह बात मानते हैं, कि "कल्पना" की शक्ति एक सबसे बड़ी शक्ति है, "कल्पना" की शक्ति बहुत बड़ी शक्ति है, "कल्पना" की यह शक्ति हर मनुष्य के दिमाग में मौजूद है, परंतु उस को उजागर करने वाला मनुष्य कोई एक ही होता है, जो अपनी "कल्पना" की शक्ति से मनुष्य जाति के कल्याण के लिए, अपने पूरे जीवन को वह बदल सकता है, "कल्पना" की शक्ति की मदद से बदल सकता है. "कल्पना" शक्ति कुछ और नहीं, सिर्फ अवचेतन मन की शक्ति है, अर्थात...

जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती

सृष्टि के निर्माण के लिए, पंच तत्वों को आधार माना गया है, उसमें से एक तत्व  है, "पानी". पानी के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती. अगर पानी ही ना होगा, तो सृष्टि का निर्माण भी संभव नहीं है. जल का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है, कि जीवन का विस्तार नदियों के किनारे से ही हुआ है और पहले के लोग नदियों के किनारे ही अपना घर और आशियाना बनाया करते थे. प्राचीन नगर नदियों के तट पर ही बसा करते थे.विकास की अंधी दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का कोई मोल नहीं रह गया है, विलासिता की आड़ में मनुष्य पानी का कितना दोहन कर रहा है, आज दुनिया की आधी आबादी को पीने का स्वच्छ पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है. भारत भी इससे अछूता नहीं है, अगर हम पानी का उचित प्रबंधन नहीं कर पाए तो हम आने वाले दिनों में पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस जाएंगे. आज भारत समेत दुनिया के कई देश पानी के लिए जूझ  रहे हैं. माना जाता है, 2030 तक कई शहरों में पानी खत्म होने की आशंका है. भारत के कई शहर स्वच्छ पेयजल संकट से गुजर रहे हैं, इनमें चेन्नई सबसे ऊपर है, भारत ही नहीं, दुनिया के प...

भारतवर्ष की महान विभूतियाँ

भारतवर्ष:- समय से ही नेतृत्व प्रधान देश रहा है| इस देश में महान लोगों ने जन्म लिया है, जिन्होंने इस जिंदगी को जीना सिखाया और हर एक देश को जिंदगी में आगे कैसे बना जाता है, इसके बारे में भी जानकारी दी, इसके बारे में भी समझाया| इन महान विभूतियों में 1.डॉ राजेंद्र प्रसाद, 2.भीमराव अंबेडकर, 3,सुभाष चंद्र बोस, 4.भगत सिंह, 5.चंद्रशेखर, 6.राजगुरु, 7.सुखदेव, 8.शंकर दयाल शर्मा, 9.अटल बिहारी वाजपेई, 10.लाला लाजपत राय, 11.लाल बहादुर शास्त्री, 12.सरदार वल्लभ भाई पटेल, जैसे महान योद्धाओं और महान विभूतियों ने जन्म लिया.  इन महान विभूतियों ने, अपने देश के विकास और उसकी परंपरा को बचाए रखने के लिए निरंतर और अथक प्रयास किए, हर व्यक्ति को समानता का अधिकार दिलवाया, मानव जीवन की सभ्यता को आगे बढ़ाने में सहायता प्रदान की, हर व्यक्ति को समानता का अधिकार दिलवाया.  वर्तमान में एक महान विभूति ने जन्म लिया है, जिसका नाम है, प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी जी| प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र सिंह मोदी जी इस समय भारत के प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त हैं, जो भारत को सशक्त, समृद्ध, शक्तिशाली, और...

भारत का चंद्रयान-2

भारत का चंद्रयान-2 हमारे भारत का ChandraYaan-2 बहुत ही ऊंचाई पर जाकर एक लक्ष्य तक प्राप्त होना चाहता था परंतु कुछ कारणों की वजह से हमारे और  ChandraYaan-2  के बीच में संपर्क टूट गया| जो विक्रम अपने प्रज्ञान के साथ खोज करके आने वाला था वह कहीं विलुप्त हो चुका है परंतु कोई नहीं जानता कि वह कहां है| हम सभी जानते ही हैं कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अभी तक किसी भी देश का यान नहीं पहुंचा है| इसी प्रयास के साथ भारत ने इसकी तरफ पहला कदम बढ़ाया|  ChandraYaan-2  को सफलतापूर्वक अपने (ISRO) इंटरनेशनल स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन श्रीहरिकोटा से एक रॉकेट का लॉन्च किया जिसे  ChandraYaan-2  कहा जाता है|भारत ने  ChandraYaan-2  को सफलतापूर्वक पृथ्वी के ऑर्बिट से धकेल कर चंद्रमा के ऑर्बिट तक पहुंचा दिया और बहुत ही आसानी से विक्रम लांचर को भी लॉन्च कर दिया| भारत का लक्ष्य तो बहुत ही महान है जो उस चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की जानकारी को इकट्ठा करना चाहता है परंतु जब पता चला कि विक्रम का संपर्क  ऑर्बिट  से टूट गया है |  माना जाता है कि चंद्रमा...

प्लास्टिक वरदान है या अभिशाप, प्लास्टिक का निर्माण एक आविष्कार,

 प्लास्टिक वरदान है या अभिशाप,  प्लास्टिक का निर्माण एक आविष्कार, प्लास्टिक सामान आप तो जानते ही हैं, प्लास्टिक का निर्माण एक आविष्कार के रूप में  हुआ था. जिसने हमारी जिंदगी में बहुत से ऐसे उपकरणों का बनना संभव हो सका, जिसकी वजह से, हमारी पूरी जिंदगी ही बदल गई, सभी इतना आसान और सुविधाजनक बन पाया, इसका निर्माण जिन तत्वों से बनता है वह उत्पाद पेट्रोकेमिकल के उत्पाद हैं जो विभिन्न गैसों के रासायनिक मिश्रण से मिलकर बनती है, इसका रासायनिक नाम पॉलिथीन है.  इसे भी पढ़े :- अनुभव ही जीवन हे, जीवन को अनुभव से ही समझा जा सकता हे,  आज के इस युग में यह इतना जरूरतमंद बन चुका है, कि इसके बिना अपना जीवन सोचना एक बहुत ही विचित्र मालूम पड़ता है,  और आप सब यह भी जानते हैं कि यह प्लास्टिक 500 साल तक नहीं मरता अर्थात यह जल्दी से डिस्पोज नहीं होता जिसकी वजह से हर जगह यह प्लास्टिक आसानी से दिखाई दे जाता है, उदाहरण के तौर पर प्लास्टिक नाली, गंदे पानी के गड्ढे,और तो और यह प्लास्टिक समुद्र तक पहुंच चुका है,पर्वतों और ऊंचाई पर भी पहुंच चुका है, FIVE STAR HOTELS, RE...