प्लास्टिक वरदान है या अभिशाप, प्लास्टिक का निर्माण एक आविष्कार,
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प्लास्टिक सामान |
आप तो जानते ही हैं, प्लास्टिक का निर्माण एक आविष्कार के रूप में हुआ था. जिसने हमारी जिंदगी में बहुत से ऐसे उपकरणों का बनना संभव हो सका, जिसकी वजह से, हमारी पूरी जिंदगी ही बदल गई, सभी इतना आसान और सुविधाजनक बन पाया, इसका निर्माण जिन तत्वों से बनता है वह उत्पाद पेट्रोकेमिकल के उत्पाद हैं जो विभिन्न गैसों के रासायनिक मिश्रण से मिलकर बनती है, इसका रासायनिक नाम पॉलिथीन है.
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आज के इस युग में यह इतना जरूरतमंद बन चुका है, कि इसके बिना अपना जीवन सोचना एक बहुत ही विचित्र मालूम पड़ता है, और आप सब यह भी जानते हैं कि यह प्लास्टिक 500 साल तक नहीं मरता अर्थात यह जल्दी से डिस्पोज नहीं होता जिसकी वजह से हर जगह यह प्लास्टिक आसानी से दिखाई दे जाता है,उदाहरण के तौर पर प्लास्टिक नाली, गंदे पानी के गड्ढे,और तो और यह प्लास्टिक समुद्र तक पहुंच चुका है,पर्वतों और ऊंचाई पर भी पहुंच चुका है, FIVE STAR HOTELS, RESTORENT,पर पहुंच चुका है और तो और आपके हर घर की किचन में यह मौजूद है, जिसकी वजह से यह वातावरण के लिए अभिशाप बनता जा रहा है, प्लास्टिक के चीजों में भोजन करना और उसके अंदर किसी खाने की वस्तु को रख कर उसको खाना एक बहुत ही विशेष लक्षण हैं जो हमारी स्वास्थ्य की सभी सुविधाओं पर नुकसान पहुंचाता है, पर्यावरण को इससे बड़ा ही नुकसान हो रहा है और इसका इसकी वजह से बहुत सारे वातावरण में गैसों का गैसों का निर्माण निरंतर जारी है,
हम सभी इस प्लास्टिक की समस्या से किस प्रकार निजात पा सकते हैं ? अभी इस पर सवाल बना हुआ है. इस सवाल का जवाब ना तो मानव के पास उपलब्ध है और ना ही इसका प्रकृति के द्वारा कोई इलाज संभव दिखाई देता है.
प्लास्टिक में पैक खाने के सामान |
इन सभी बातों से एक ही प्रश्न उठता है कि प्लास्टिक वरदान है या अभिशाप इसका हल कैसे निकाला जा सकता है. दोस्तों आप सभी यह भी जानते होंगे ही की पेड़ पौधे जो इन सभी हानिकारक गैसों के साथ मिलकर और सूरज के साथ मिलकर एक प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करते हैं जिसके द्वारा वह अपना भोजन बनाते हैं और अपने भोजन के लिए इन्हीं सब गैसों और वातावरण पर निर्भर रहते हैं,
कहने का अर्थ यह है कि जिस प्रकार वर्ष पेड़ों की कटाई हो रही है और वातावरण मैं गैसों की वृद्धि हो रही है और धीरे-धीरे पर्यावरण में प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो रही है. परंतु आज के दौर में प्लास्टिक जो प्रकृति एवं पुरुष के बीच में प्रदूषण की उस विशेष अवस्था पर पहुंच चुका है जहां इसका हल खोज पाना इतना संभव नहीं जान पड़ता, परंतु 'जिस वस्तु का निर्माण संभव है उस वस्तु का नाश भी संभव है'
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किसी महान व्यक्ति ने कहा है कि
'निर्माण की प्रक्रिया में ही विनाश का मुहूर्त होता है' पर्यावरण में पेड़ पौधे अपने आप आसपास के वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसों का उपयोग करते हैं और अपने लिए प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के द्वारा उस गैसों को अवशोषित करके अपना भोजन का निर्माण करते हैं और उत्सर्जन के तौर पर ऑक्सीजन का निर्माण करते हैं. उसी प्रकार जीव भी ऑक्सीजन का उपयोग करता है और कार्बन डाइऑक्साइड एवं अन्य प्रकार की गैसों का निर्माण करता है, और यह दोनों एक दूसरे का अच्छी तरह से पालन पोषण करते हुए वातावरण और पर्यावरण को संतुलित और अनुकूल बनाए रखते हैं.
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| आम का जूस & COL DRINK प्लास्टिक के बर्तन में कैद है |
बस हमें यही करना है, कि जिस प्रकार पेड़ पौधे जिस प्रक्रिया के दौरान इन सभी गैसों को पचा करके उसका उत्सर्जन करती है, इसी प्रकार की कोई मशीन या कोई गेजेट बनाना पड़ सकता है, और उसी से इस समस्या का हल भी निकाला जा सकता है. जिस प्रकार पेड़ पौधे हानिकारक गैसों और वातावरण में पोषित सभी तत्वों के द्वारा उसका उपयोग करके अपने इंधन का निर्माण करता है, उसी प्रकार की क्रिया करके हम मानव पर्यावरण को सुंदर और स्वच्छ बना सकते हैं.
एक छोटा सा एक्सपेरिमेंट करते हैं:- हम एक प्लास्टिक की एक बोतल को एक बड़े से गर्म पानी वाले कुकर में रखकर उबलते हैं, कुकर के अंदर का प्लास्टिक हाई तापमान में, पानी में, प्लास्टिक, छोटा सा गोला बन जाएगा और उसके दौरान कुकर में जो गैस उत्पन्न हुई है, उसका भी निर्माण हो जाएगा,इस उत्पन्न गैस को एक नली की सहायता से किसी बर्तन में एकत्रित कर लिया जाए, यही गैस हमें ईंधन के रूप में उपयोग में ला सकते हैं. इस एक्सपेरिमेंट से होगा यह है कि प्लास्टिक अपने रूप से अवश्य और संकुचित होकर छोटे रूप में हो जाएगा, पर्यावरण के लिए निजी का काम आ सकता है, इस सभी प्रक्रिया के दौरान कोई भी गैस से वातावरण प्रभावित नहीं होंगी.
प्लास्टिक के बर्तन |
इस कंप्रेस्ड गैस से एनर्जी का उत्पादन संभव बनाया जा सकता है,यह पूरी तरह से खत्म हो जाए. और प्लास्टिक से हाई पावर गैजेट्स बनाए जा सकते हैं, जिससे हम अंतरिक्ष के अंदर का उपयोग कर सकें.इस कंप्रेस केस को किस प्रकार से उपयोग किया जाए जिससे कि एनर्जी देने के बाद इसका कोई भी अवश्य ना बचे यह पूरी तरह से खत्म हो जाए.




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