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Showing posts from December, 2019

The Women Tells Her Own Story (स्त्री अपनी कहानी स्वयं ही कहती है).

स्त्री की कहानी, स्त्री की जुबानी | जीवन की शुरुआत ही स्त्री से होती है, स्त्री ना हो तो इस जीवन की शुरुआत होना असंभव सा जान पड़ता है | यह प्रकृति, Nature नेचर, भी एक स्त्री है, यह हमारी सभी जरूरतों को समय समय पर पूर्ण करती रहती है परंतु अपनी जरूरतों के बारे में किसी से कुछ नहीं कहती, इसी प्रकार का स्वभाव नारी का भी है, स्त्री सभी के लिए कुछ न कुछ करती ही रहती है परंतु उसके बारे में कोई कुछ नहीं करता और वह फिर भी खुश है | स्त्री के साथ तो बहुत जन्मों से अन्याय ही होता चला आ रहा है. आप सभी तो जानते ही हैं कि स्त्री का कोई महत्व ही नहीं था पहले की कोई युगों में | स्त्री अपनी कहानी स्वयं कहती है, यह प्रकृति मां भी अपनी कहानी स्वयं ही कहती है, स्त्री (प्रकृति) कहती है, जबसे मेरा जन्म हुआ है, इस दुनिया में, तब से लेकर आज तक, सभी मेरा उपयोग ही करते आए हैं, कभी किसी ने मुझे बचाने, संरक्षण करने, का कोई भी कर्तव्य निभाने में पहल नहीं की | आज दुनिया जिस प्रकार की दिखाई देती है यह सब कर्मों का फल है इस प्रकृति का |  स्त्री कौन है | स्त्री के अनेकों नाम है. स्त्री घर की लक्ष्म...

#Spiritual Gyan (ज्ञान)

#Spiritual Gyan (ज्ञान) अपने जीवन का फैसला हर व्यक्ति का अधिकार है, प्रत्येक व्यक्ति का जिंदगी का फैसला उसका अपना खुद का फैसला होता है, उसके लिए सबसे पहले, जिंदगी का रास्ता तय करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है. रास्ता तय करना इसका मतलब, अपनी जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित करना. परंतु लक्ष्य, लक्ष्य तो कोई बनाता ही नहीं. जो कोई लक्ष्य बनाता भी है, तो उसे समझ और ज्ञान नहीं, जिसमें समझ और ज्ञान है, तो उसे करने का तरीका नहीं जानता, कोई व्यक्ति करने का तरीका जानता है परंतु उसकी भावना स्वार्थी है. "जिसकी रही भावना जैसी" उसकी गति होए वैसी. यह सागर, भवसागर है, जहां पर भाव व्यक्त किए जाते हैं, भावना व्यक्त की जाती है, भावना से ही यह संसार चलता है, धर्म चलता है, सत्य चलता है, न्याय चलता है, मानवता चलती है, परंतु फिर भी, हम इस संसार की नाटक को देखते देखते अपने अपने खुद के बारे में फैसला करना भूल जाते हैं, यही है Spiritual Gyan (ज्ञान). अपनी जीवन का फैसला समय पर खुद लेना पड़ता है |