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Showing posts from May, 2019

आज का आम नागरिक

आज का आम नागरिक आज भी HOSPITAL मे ग़रीब की कोई सुनवाई नही होती जनाब , नानक EYE CARE CENTER, NEW DELHI मे आज भी DOCTOR से बात करने के लिये 36 परेशानियो का सामना करना पड़ता हे फिर भी पाक्का नही की मुलाकात हो जाए , चाहे मरीज को कितनी भी परेशानी क्यो ना हो. एक वयक्ति था वह अपनी आखो की जाच करने के लिए जाया करता था. इस बार DATE पर जाना था , परंतु कुछ ज़रूरी काम निकल आने से इस बार जल्दी जाकर दिखना ज़रूरी समझा ओर 1 साप्ताह पहले ही चला गया क्योकि DATE से लेट जाने पर DR. चिल्लाते हे. सुबहा वह TIME पर HOSPITAL पहुच गया. वहा पहूचकर आदमी पर्चा जमा करने वाले को बताया की कुछ ज़रूरी काम आ गया हे ओर हम टाइम पर नही आ सकते. हम DATE से पहेले जाच करवाने आए हे , उसने कहा मे परच नही जमा करूगा आप DR. से पूछ लेना जब आएगे. अब 5 मिनट की बात को पूछने मे दोपहर के 2 बज गये. उस आदमी ने HOSPITAL TIME से पहुचने के लिए भोजन भी नही ले पाया था. मेरा एक सवाल हे , क्या एक आम आदमी से मिलने के लिए DR के पास TIME नही हे , क्या बस वही अपनी जीवन मे परेशान हे , ओर वो अपनी DUTY केसे ...

घोर कलयुग की दस्ता

घोर कलयुग की दस्ता वेदो ओर पुराणो मे बताया गया हे , जब इंसान- इंसान को , इंसान ना समझेगा , अपने सिवा किसी को महत्व नही देगा , अपनी ओर अपनो की ही इक्च्छा पूर्ति के लिए वही मार्ग अपनाएगा जो उसके लिए उचित हो , अपनी आत्मा की तृप्ति करने के लिए   नीति न्याय ईमानदारी की सीमा का उल्लधन बिना किसी ड्ऱ के करेगा . माता पिता अपने बेटे की बात से या बेटा मात पिता की बात से सहमत नही रहेगा , भाई बहन के रिश्ते मे दरार आ चुकी होगी , न्नंद -भाभी की आपस मे नही बनेगी , माता पिता अपनी वस्तुओ को अपने ही बच्चो से छिपाकर रखने लग जाएगे , बच्चे अपने मातपिता की सहीआदत नही सीकेगे , माता पिता भी सही मार्ग नही सीखना भूल जाएगे बच्चो को , दुनिया से परिचित करवाने मे डरेगे , अपने ही बच्चो मे भेदभाव करने लगेगे. किसी की कम ओर किसी को ज़्यादा मान देगे. इंसान इंसान को नही पेसे को ज़्यादा महत्व देने लगेगा. इसे भी पढ़े आस्था OR विश्वास का देश india, India is a country of faith भारतीय संस्कार , संस्कृति , ज्ञान हर मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण नियम हे - जीवन दर्शन         ...

वोट दिया क्या:-भारत देश के विकाश मे योगदान

वोट दिया क्या:-भारत देश के विकाश मे योगदान मेरा एक वोट देश के विकाश ओर आम लोगो भलाई के लिए कवच हे, मेने तो अपना वोट दे कर अपनी कर्तव्य निभा दिया देश के प्रति आपने दिया क्या वोट ? देश के विकाश मे योगदान दीजिए :-   इसे भी पढ़े आस्था OR विश्वास का देश india, India is a country of faith Experience is life, life can be understood only by experience. अनुभव ही जीवन हे , जीवन को अनुभव से ही समझा जा सकता हे good habites, bad habit relate spritual power of your faith, conscious andunconscious mind विश्वास के साथ आदत को अपनाओ ओर दुनिया ही बदल जाएगी , भारतीय संस्कार , संस्कृति , ज्ञान हर मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण नियम हे - जीवन दर्शन इसके साथ साथ post  को   like   करे share  करना ना भूले.    Our Social Links: - Facebook   : - https://facebook.com/manish.com23 Twitter       : - https://twitter.com/ manishcom23

sprituality of every human being

sprituality of every human being I am a person who has ever seen me, I have seen him, I have seen him in a lot of things, and I have a lot to say about the value of his life, and I am convinced that he is going to be complete Part of the world, she loves her very much and she has to give it to her. I can see that person's name as his name, and he was able to show his love for him, because he was a teacher, he had a dream for himself, he is a young man, he is very much Only Apna-Apne got it bitter The essence of spiritual life is that he is the one who is aware of the events, thoughts and feelings that arise in front of him. That is, in this world of life, Lord Vishnu is worshiped everywhere, and likewise, every creature sees everything well with the help of a principle called Spirit. The same person keeps looking at everything with the help of a principle called spirit. Ours and all the living beings, the elements, the vision of everyone, have their own eyes. Lord Hari see...

आध्यात्मिक जीवन का सार spritual truth of world

आध्यात्मिक जीवन का सार spritual truth of world  दोस्तो आपको मेरा प्यार भरा नमस्कार    Sprital hindi Me  आपका स्वागत हे, इसे भी पढ़े आस्था OR विश्वास का देश india, India is a country of faith आध्यात्मिक जीवन का सार यही हे की , ( में) वो है ,  जो देखता है ,  तथा में अपने सामने होने वाली घटनाओं ,  विचारों और भावनाओं के प्रति जागरूक हो अर्थात इस जीव जगत में सभी जगह भगवान श्री विष्णु ही समाये हुए है और वही हर जीव में से आत्मा नामक तत्त्व की सहायता से सब कुछ भली भाँति देखता रहता हे हमारी और सभी जीव-निर्जीव ,  तत्व-पदार्थ हर किसी की एक दृष्टि होती हे , आँख होती हे नज़्ज़ारिया अपना-अपना होता हे. महामुनि नारद जी   भक्तो में परम भक्त और ज्ञानी में परम ज्ञानी परम प्रिय भक्तो के उच्चतर श्रेढ़ी में सुशोभित है भगवान श्री हरी का ही नाम सुमिरते रहते हे और सभी भक्तो को सदा यही कहते रहते है श्रीमान नारायण नारायण नारायण   और भगवान की बनाई इस दुनिया का दर्शन करते और भगवान की महिमा और शक्ति की ज्योति से अपने मन की ज्योति को अनुभव कर...

भारतीय संस्कार, संस्कृति, ज्ञान हर मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण नियम हे - जीवन दर्शन

भारतीय संस्कार, संस्कृति, ज्ञान हर मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण नियम हे -  जीवन दर्शन आज की सोच का कोई आधार नहीं है ना ही कोई संतुलन, फिर भी हम हमारे स्वम के बारे में, अपने जीवन के परम लख्य - मानवता, दया इंसानियत प्रेम करुणा छमा को सिखने से चूक जाते हे और बस दुनिया के बारे में ही सोचते रहते हे और आदत के बात करे तो थकते भी नहीं इस सब से ऐसा मान लेते हे की भाई कुछ नहीं हो सकता. जीवन ही हमारा वर्तमान हे हमारी प्रतिक्रियाओ से जुड़ा हुआ हे और हमारी सोच दुसरो की सोच से जुडी होती हे फिर हम कामयाबी और उस परम लख्य के बारे में कैसे कदम से कदम मिला सकते हे, जिस इंसान को भारतीय संस्कार किसी भी कारन प्राप्त नहीं हो सके. क्यों की भारतीय संस्कार ही मानव को मानव से परिचित करवाता हे. मानव जीवन सबसे श्रेस्ठतम अवस्था हे जीने की इस परकीर्ति से, सारा विश्व जनता हे की ये सृष्टि एक ऊर्जा हे परन्तु वह क्या हे आज तक जान नहीं पाए, ये रास्ता भी नहीं हे वो रास्ता भारत में हे उसके छिपे ज्ञान में हे उसके विश्वाश में हे अन्धविश्वास और विज्ञानं में नहीं। एक आम इंसान अपने बारे में ये प्रश्न नहीं करता की...

आस्था OR विश्वास का देश india, India is a country of faith

                                ब्रह्मा जी - यह सब इनकी ही इच्छा हे,  विष्णु जी - यह सब इनके ही द्वारा हो रहा हे,  शिव शंकर - सारी   महिमा इन्ही की हे जगत में,    आस्था  हमारा कर्त्तव्य ही हमारा धर्म हे हमारा कर्त्तव्य हे की हमें अपने आय में से प्रति माह श्री सत्यनारायण की कथा करानी चाहिए और साथ में लंगर का भी आयोजन करना चाहिए, हमें सत्य बोलना चाहिए अपने परिवार की सेवा करनी चाहिए सभी की इच्छा पूर्ति की लिए यथता संभव प्रयाश करना चाहिए,अपने आप की पहचान करनी चाहिए छत्रिये होने की नाते बल और विवेक से कार्य करना चाहिए अपने विश्वाश पर दृढ रहना चाहिए,अपने ध्यान साधना पर मेहनत करनी चाहिए,अपना सारा ध्यान ऊर्जा को विकसित करना चाहिए अपना और अपनों कि इच्छा की कदर करनी चाहिए। ईमानदारी से धन कामना चाहिए न्याय संगत जीवन जीना चाहिए स्वयं को बदलने का प्रयास निरंतर करना चाहये मेरा लेखन में मन लगता हे मजा आता हे और अपना व्यवसाय करना मन को भाता हे इसी से अपना रोजगार करना...