Skip to main content

sprituality of every human being

sprituality of every human being

I am a person who has ever seen me, I have seen him, I have seen him in a lot of things, and I have a lot to say about the value of his life, and I am convinced that he is going to be complete Part of the world, she loves her very much and she has to give it to her. I can see that person's name as his name, and he was able to show his love for him, because he was a teacher, he had a dream for himself, he is a young man, he is very much Only Apna-Apne got it bitter

The essence of spiritual life is that he is the one who is aware of the events, thoughts and feelings that arise in front of him. That is, in this world of life, Lord Vishnu is worshiped everywhere, and likewise, every creature sees everything well with the help of a principle called Spirit. The same person keeps looking at everything with the help of a principle called spirit. Ours and all the living beings, the elements, the vision of everyone, have their own eyes.

Lord Hari sees everything from every creature, while listening to everyone with the help of Kano, everyone also feels through the nose, but the green pure speech is always silent. You know why?


Comments

Popular posts from this blog

आध्यात्मिक जीवन का सार spritual truth of world

आध्यात्मिक जीवन का सार spritual truth of world  दोस्तो आपको मेरा प्यार भरा नमस्कार    Sprital hindi Me  आपका स्वागत हे, इसे भी पढ़े आस्था OR विश्वास का देश india, India is a country of faith आध्यात्मिक जीवन का सार यही हे की , ( में) वो है ,  जो देखता है ,  तथा में अपने सामने होने वाली घटनाओं ,  विचारों और भावनाओं के प्रति जागरूक हो अर्थात इस जीव जगत में सभी जगह भगवान श्री विष्णु ही समाये हुए है और वही हर जीव में से आत्मा नामक तत्त्व की सहायता से सब कुछ भली भाँति देखता रहता हे हमारी और सभी जीव-निर्जीव ,  तत्व-पदार्थ हर किसी की एक दृष्टि होती हे , आँख होती हे नज़्ज़ारिया अपना-अपना होता हे. महामुनि नारद जी   भक्तो में परम भक्त और ज्ञानी में परम ज्ञानी परम प्रिय भक्तो के उच्चतर श्रेढ़ी में सुशोभित है भगवान श्री हरी का ही नाम सुमिरते रहते हे और सभी भक्तो को सदा यही कहते रहते है श्रीमान नारायण नारायण नारायण   और भगवान की बनाई इस दुनिया का दर्शन करते और भगवान की महिमा और शक्ति की ज्योति से अपने मन की ज्योति को अनुभव कर...

🌷🌷 भक्त_की_परीक्षा🌷🌷

 #भक्त_की_परीक्षा 🌷🌷🌷 .🌹🙏शुभ 🙏🌹 एक गाँव के बाहरी हिस्से में एक वृद्ध साधु बाबा छोटी से कुटिया बना कर रहते थे।  वह ठाकुर जी के परम भक्त थे। स्वभाव बहुत ही शान्त और सरल। दिन-रात बस एक ही कार्य था, बस ठाकुर जी के ध्यान-भजन में खोये रहना। ना खाने की चिंता ना पीने की, चिंता रहती थी तो बस एक कि ठाकुर जी की सेवा कमी ना रह जाए। भोर से पूर्व ही जाग जाते, स्नान और नित्य कर्म से निवृत्त होते ही लग जाते ठाकुर जी की सेवा में।  .उनको स्नान कराते, धुले वस्त्र पहनाते, चंदन से तिलक करते, पुष्पों की माला पहनाते फिर उनका पूजन भजन आदि करते जंगल से लाये गए फलों से ठाकुर जी को भोग लगाते। बिलकुल वैरागी थे, किसी से विशेष कुछ लेना देना नहीं था। फक्कड़ थे किन्तु किसी के आगे हाथ नहीं फैलाते थे। यदि कोई कुछ दे गया तो स्वीकार कर लिया नहीं तो राधे-राधे।फक्कड़ होने पर भी एक विशेष गुण उनमे समाहित था, उनके द्वार पर यदि कोई भूखा व्यक्ति आ जाए तो वह उसको बिना कुछ खिलाए नहीं जाने देते थे। कुछ नहीं होता था तो जंगल से फल लाकर ही दे देते थे किन्तु कभी किसी को भूखा नहीं जाने दिया। यही स्थिति ठाकुर जी के प्...