आध्यात्मिक जीवन का सार spritual truth of world
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आस्था OR विश्वास
का देश india, India is a country of faith
आध्यात्मिक जीवन का
सार यही हे की, (में) वो है, जो देखता है, तथा में अपने सामने होने वाली घटनाओं, विचारों और भावनाओं के प्रति जागरूक हो
अर्थात इस जीव जगत में सभी जगह भगवान श्री विष्णु ही समाये हुए है और वही हर जीव
में से आत्मा नामक तत्त्व की सहायता से सब कुछ भली भाँति देखता रहता हे हमारी और
सभी जीव-निर्जीव, तत्व-पदार्थ
हर किसी की एक दृष्टि होती हे,आँख होती हे
नज़्ज़ारिया अपना-अपना होता हे.
महामुनि नारद जी भक्तो में
परम भक्त और ज्ञानी में परम ज्ञानी परम प्रिय भक्तो के उच्चतर श्रेढ़ी में सुशोभित
है भगवान श्री हरी का ही नाम सुमिरते रहते हे और सभी भक्तो को सदा यही कहते रहते
है श्रीमान नारायण नारायण नारायण और भगवान की
बनाई इस दुनिया का दर्शन करते और भगवान की महिमा और शक्ति की ज्योति से अपने मन की
ज्योति को अनुभव कर पाते हे. अंत में अपनी वाणी को श्रीमान
नारायण नारायण नारायण नाम से ही शांत कते हे.भगवन श्री
हरि हर जीव के अन्दर से सब कुछ देखते रहते हे जीव के कानो के सहारे सब सुनते रहते
हे नाक के द्वारा सब महसूस भी करते है परन्तु हरी की शुद्ध वाणी सर्वदा मौन ही
रहती है, क्या आप जानते है,
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