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क्या आप अपना जीवन जीते हे, यदि जीते हे तो बहुत ही बाड़िया परन्तु नही जीते तो इस किताब को पढ़कर जीना सीखा जाओगे, ये सिर्फ़ एक किताब नही हे Teacher हे टीचर⌚️⌚️⌚️⌚️⌚️⌚️⌚️⌚️⌚️⌚️ - https://t.co/ARbCucVthZ https://t.co/py7WD6bjUi


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आध्यात्मिक जीवन का सार spritual truth of world

आध्यात्मिक जीवन का सार spritual truth of world  दोस्तो आपको मेरा प्यार भरा नमस्कार    Sprital hindi Me  आपका स्वागत हे, इसे भी पढ़े आस्था OR विश्वास का देश india, India is a country of faith आध्यात्मिक जीवन का सार यही हे की , ( में) वो है ,  जो देखता है ,  तथा में अपने सामने होने वाली घटनाओं ,  विचारों और भावनाओं के प्रति जागरूक हो अर्थात इस जीव जगत में सभी जगह भगवान श्री विष्णु ही समाये हुए है और वही हर जीव में से आत्मा नामक तत्त्व की सहायता से सब कुछ भली भाँति देखता रहता हे हमारी और सभी जीव-निर्जीव ,  तत्व-पदार्थ हर किसी की एक दृष्टि होती हे , आँख होती हे नज़्ज़ारिया अपना-अपना होता हे. महामुनि नारद जी   भक्तो में परम भक्त और ज्ञानी में परम ज्ञानी परम प्रिय भक्तो के उच्चतर श्रेढ़ी में सुशोभित है भगवान श्री हरी का ही नाम सुमिरते रहते हे और सभी भक्तो को सदा यही कहते रहते है श्रीमान नारायण नारायण नारायण   और भगवान की बनाई इस दुनिया का दर्शन करते और भगवान की महिमा और शक्ति की ज्योति से अपने मन की ज्योति को अनुभव कर...

🌷🌷 भक्त_की_परीक्षा🌷🌷

 #भक्त_की_परीक्षा 🌷🌷🌷 .🌹🙏शुभ 🙏🌹 एक गाँव के बाहरी हिस्से में एक वृद्ध साधु बाबा छोटी से कुटिया बना कर रहते थे।  वह ठाकुर जी के परम भक्त थे। स्वभाव बहुत ही शान्त और सरल। दिन-रात बस एक ही कार्य था, बस ठाकुर जी के ध्यान-भजन में खोये रहना। ना खाने की चिंता ना पीने की, चिंता रहती थी तो बस एक कि ठाकुर जी की सेवा कमी ना रह जाए। भोर से पूर्व ही जाग जाते, स्नान और नित्य कर्म से निवृत्त होते ही लग जाते ठाकुर जी की सेवा में।  .उनको स्नान कराते, धुले वस्त्र पहनाते, चंदन से तिलक करते, पुष्पों की माला पहनाते फिर उनका पूजन भजन आदि करते जंगल से लाये गए फलों से ठाकुर जी को भोग लगाते। बिलकुल वैरागी थे, किसी से विशेष कुछ लेना देना नहीं था। फक्कड़ थे किन्तु किसी के आगे हाथ नहीं फैलाते थे। यदि कोई कुछ दे गया तो स्वीकार कर लिया नहीं तो राधे-राधे।फक्कड़ होने पर भी एक विशेष गुण उनमे समाहित था, उनके द्वार पर यदि कोई भूखा व्यक्ति आ जाए तो वह उसको बिना कुछ खिलाए नहीं जाने देते थे। कुछ नहीं होता था तो जंगल से फल लाकर ही दे देते थे किन्तु कभी किसी को भूखा नहीं जाने दिया। यही स्थिति ठाकुर जी के प्...

भारत का चंद्रयान-2

भारत का चंद्रयान-2 हमारे भारत का ChandraYaan-2 बहुत ही ऊंचाई पर जाकर एक लक्ष्य तक प्राप्त होना चाहता था परंतु कुछ कारणों की वजह से हमारे और  ChandraYaan-2  के बीच में संपर्क टूट गया| जो विक्रम अपने प्रज्ञान के साथ खोज करके आने वाला था वह कहीं विलुप्त हो चुका है परंतु कोई नहीं जानता कि वह कहां है| हम सभी जानते ही हैं कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अभी तक किसी भी देश का यान नहीं पहुंचा है| इसी प्रयास के साथ भारत ने इसकी तरफ पहला कदम बढ़ाया|  ChandraYaan-2  को सफलतापूर्वक अपने (ISRO) इंटरनेशनल स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन श्रीहरिकोटा से एक रॉकेट का लॉन्च किया जिसे  ChandraYaan-2  कहा जाता है|भारत ने  ChandraYaan-2  को सफलतापूर्वक पृथ्वी के ऑर्बिट से धकेल कर चंद्रमा के ऑर्बिट तक पहुंचा दिया और बहुत ही आसानी से विक्रम लांचर को भी लॉन्च कर दिया| भारत का लक्ष्य तो बहुत ही महान है जो उस चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की जानकारी को इकट्ठा करना चाहता है परंतु जब पता चला कि विक्रम का संपर्क  ऑर्बिट  से टूट गया है |  माना जाता है कि चंद्रमा...