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उस परमात्मा का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. Gole,

मैं मनीष कुमार उस परमात्मा का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिसने मुझे यह जीवन दिया और आज इस माह में बहुत ही पवित्र दिन में आज का दिन है 22 सितंबर इतवार का दिन है बहुत ही शुभ दिन है इस दिन उन्होंने मेरे परम सत्य वाले मार्ग को बता दिया वह इच्छा बता दी जो एक पागल इंसान में होनी चाहिए प्रत्येक व्यक्ति में एक खूबी होती है और जो भी इसको जान लेता है वह धन्य होता है | प्रभु तेरा बहुत-बहुत शुक्रिया | मैं मनीष कुमार, मैं जो हूं, मुझे आज से पहले पता नहीं था. मुझे नहीं पता था कि मैं बहुत कुछ कर सकता हूं पर आज 32 साल की उम्र में मैं अब जान पाया कि क्या मेरे अंदर खूबी है अर्थात मेरे अंदर कौन सी ऐसी होगी खूबी है जो मुझे वर्तमान से उठाकर आगे लक्ष्य के रास्ते पर लगा सकती है. इन सब बातों से यह पता चलता है कि, यह जानना बहुत ही जरूरी है कि आज के वर्तमान समय में आप क्या क्या जानते हैं, अपने बारे में, अर्थात आपने क्या-क्या कर चुके हैं और उससे क्या-क्या सीखा है इससे भी सरल शब्दों में बताता हूं, आपने जो जो काम सीखे हैं चाहे वह कैसे भी हो उन सब कामों में आपने किस काम में सबसे ज्यादा निपुणता हासिल की है, सबसे ज्यादा तेज दिमाग हासिल किया है, बस और यही ज्ञान जो जान जाता है, समझो वह परमात्मा के समक्ष हो जाता है. भगवान तेरा बहुत-बहुत धन्यवाद, तेरा बहुत-बहुत शुक्रिया |

मेरी शिक्षा के बारे में ही बात कर लेते हैं | मैंने पहले दसवीं की, और उसके बाद 12वीं कॉमर्स से की, कॉमर्स से ग्रेजुएशन प्राप्त की, अब ग्रेजुएशन में मैंने अकाउंट्स का सब्जेक्ट चुना. जिसमें काफी सारे ऑप्शन से मिलते हैं, अपने को जैसे फाइनेंशियल अकाउंट्स,Financial Accounts, Corporate Accounts, Business Accounts and many types of Accounts के बारे में पढ़ा. पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया और पढ़ते-पढ़ते ही नौकरी पर लग गया, इसीलिए तो मैं आज तक नहीं जान पाया कि मेरी तरक्की क्यों नहीं हो रही, नौकरी में वृद्धि क्यों नहीं हो रही, मुझे नौकरी अच्छी नौकरी क्यों नहीं मिली, अच्छी कंपनी में नौकरी क्यों नहीं हुई, कंपनी प्राइवेट लिमिटेड होनी चाहिए, अच्छी पोस्ट होनी चाहिए, अच्छा पैसा होना चाहिए, पर मेरी योग्यता के अनुसार नहीं मिल रही मुझे, मैं यही मान रहा था, आज तक| परंतु सत्य उससे बिल्कुल ही अलग था, वह मुझे आज जान पाया, कि सत्य क्या है. क्योंकि बीकॉम ग्रैजुएट्स (ग्रेजुएशन) ही मेरा ऐसे हुआ कि मुझे कुछ समझ में नहीं आया| 12वीं के बाद सीधा ही में जॉब पर लग गया और जॉब करते करते कॉमर्स करता रहा. मैंने 8 साल में पूरी कॉमर्स कंप्लीट की. अब आप ही बताइए की इसमें मैंने पढ़ा, काम किया, सीखा, कुछ समझ में नहीं आया. परंतु आज मैं जान गया हूं और शायद इस काबिल भी बन गया हूं कि अगर मैं किसी काम को करना चाहता हूं, करूं, तो बहुत ही जल्दी सीख लेता हूं, और उसे तुरंत ही कर भी लेता हूं. आज मैं जानता हूं अपने आज के बारे में, में किसी काम को लग गया करने के लिए तो उस काम को होना ही है, पर्फेक्ट होना है, अकाउंट में पढ़ना बहुत ही आसान है और अकाउंट बहुत ही आसानी से समझ में आ सकती है यदि आप सीख कर करना चाहे, किसी भी काम को सीखकर ही सब कुछ किया जा सकता है बस और सीख कर भी ऐसा, जो बिल्कुल एकदम दिमाग में सटीक, सब कुछ बैठ चुका हूं, कि इसका क्या मतलब है, उसका क्या मतलब है, इसे कैसे हल करना, उसको कैसे हल करना, इस काल क्या हो सकता है, उस पर क्या हो सकता है, और इसके बाद क्या करना है, इससे पहले क्या करना है, कैसे व्यवस्था बनानी है, कैसे काम को करना है, किस तरह से स्टडी करनी है, किस काम को पहले करना है, किस काम को बाद में, क्या काम ज्यादा जरूरी है, क्या काम ज्यादा जरूरी नहीं है, कुछ काम अपने तक ही सीमित रख, कर लेना है |


मुझे अब क्या करना है, मेरा आज से लक्ष्य तय हो चुका है, जो मेरा लक्ष्य है, आज मुझे अपने 11वीं के Accounts Book (किताब) और 12वीं के Accounts Book (किताब) की सभी बुकों का अध्ययन करना है| अध्ययन का पैटर्न बिल्कुल दिमाग में बैठा लेना है| कौन सा प्रोसेस पहली है, और कौन सा बाद में, किस में कितने पर्सेंट टैक्स लगता है, किस में कितने पर्सेंट छूट मिलती है, किस काम डेट क्या है, मतलब इस सभी प्रोसीजर के अकाउंट रूल्स और डेट्स हमेशा टी पॉइंट याद रखना है, दिमाग में, आगे के लिए अपडेट करते रहना| मेरा लक्ष्य मुझे इसी से व्यापार करना है, इसी को बढ़ाना है, और इसी से अपनी जिंदगी सवारने का प्रयास करना है. मुझे यह काम केवल 1 साल के अंदर ही करना है| आज 22 सितंबर 2019 है| 22 सितंबर 2020 मेरा लक्ष्य प्राप्ति का दिन मैं तय करता हूं| आज मैं यह शपथ लेता हूं कि मुझे सभी काम को छोड़कर सिर्फ और सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना है| थैंक यू भगवान, भगवान तेरी कृपा से ऐसा संभव हुआ कि, मैं इस बारे में समझ सका. अब मेरी आपसे यही अनुरोध है, और यही विनती है, कि मैं इस वचन को निभाने के लिए आपकी कृपा का पात्र सदैव बना रहे, कृपा करो, मुझे शक्ति प्रदान करें, ताकि मैं अपने आप की जिंदगी और अपने अपनों की जिंदगी को संवारू. धन्यवाद भगवान तेरा|



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